रामबाण है शहद, जानें 4 फायदे हीमोग्लोबीन को बढ़ाने में

शहद या मधु एक स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ है। सदियों से एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में भी इसका इस्तेमाल होता है। आयु़र्वेद के जानकार डॉ. पीसी प्रसाद के मुताबिक सुमेरी चिकित्सा में करीब तीस प्रतिशत शहद का इस्तेमाल होता था। भारत में शहद सिद्ध और आयुर्वेद चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण अंग है जो चिकित्सा की पारंपरिक पद्धतियां हैं। प्राचीन मिस्र में इसे त्वचा और आंखों की बीमारियों में इस्तेमाल किया जाता था और जख्मों तथा जलने के दागों पर प्राकृतिक बैंडेज के रूप में लगाया जाता रहा है।

शहद के फायदे
1- हीमोग्लीबिन को बढ़ाता है शहद-शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से खून में लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी) की संख्या पर लाभदायक असर पड़ता है। लाल रक्त कोशिकाएं मुख्य रूप से शरीर के विभिन्न अंगों तक खून में ऑक्सीजन पहुंचाती हैं। शहद और गुनगुने पानी का मिश्रण खून

2- खून की कमी दूर करने में लाभदायक- आयरन की कमी यानी एनीमिया होने पर आहार में लौह तत्व को कम मात्रा में ग्रहण किया जाता है या शरीर उसे पर्याप्त रूप से सोख नहीं पाता। इससे रक्त की ऑक्सीजन ढोने की क्षमता प्रभावित होती है। ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम होने से थकान, सांस फूलना और कई बार उदासी और दूसरी समस्याएं होती हैं। शहद रक्त की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता को बढ़ाते हुए इन समस्याओं को कम कर सकता है।

3- रक्तचाप में फायदेमंद- रक्तचाप का मतलब दिमाग में ऑक्सीजन का कम मात्रा में पहुंचना है। इसी तरह से अगर आप अपना सिर नीचे करते हैं तो चक्कर आने लगता है तो इसका मतलब उच्च रक्तचाप की समस्या है। या तो उच्च रक्तचाप की वजह से या फिर ऑक्सीजन की कमी की वजह से आपको चक्कर आते हैं।

4- कीमोथैरेपी में असरदायक- शहद कीमोथैरेपी के मरीजों में श्वेत रक्त कोशिकाओं (डब्ल्यूबीसी) की संख्या को कम होने से रोक सकता है। एक छोटे प्रयोग में कीमोथैरेपी के दौरान कम डब्ल्यूबीसी संख्या के जोखिम वाले 40 फीसदी मरीजों में उपचार के तौर पर दो चम्मच शहद पीने के बाद वह समस्या फिर से नहीं उभरी।

में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाता है, जिससे एनीमिया या खून की कमी की स्थिति में लाभ होता है।

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