टीम इंडिया को भारी पड़ीं ये 6 गलतियां: ऑस्ट्रेलिया ने जीता चौथा वनडे

दा हिन्दू फॉर यू मैगज़ीन

ऑस्ट्रेलिया ने बेंगलुरु में हुए वनडे सीरीज के चौथे मैच में टीम इंडिया को 21 रन से हरा दिया।

मैच में भारत को जीत के लिए 335 रन का टारगेट मिला था, जवाब में मेजबान 313/8 रन ही बना सके।

इस जीत के साथ ही कंगारू टीम ने भारत का लगातार 10वां वनडे जीतने का सपना तोड़ दिया।

मैच में ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर्स हर मामले में इंडियन प्लेयर्स पर भारी पड़े।

इस मैच में मिली जीत विदेशी धरती पर ऑस्ट्रेलियाई टीम की सालभर बाद पहली जीत है।

ऐसा रहा मैच का रोमांच….

  • – मैच में कंगारू टीम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवरों में 5 विकेट पर 334 रन बनाए थे।
    – ऑस्ट्रेलिया की ओर से डेविड वॉर्नर ने 124, एरोन फिंच ने 94 और पीटर हैंड्सकोम्ब ने 43 रन बनाए।
    – जवाब में टारगेट का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत शानदार रही थी
    और पहले विकेट के लिए 106 रन जुड़े थे।
    – इसके बाद चौथे विकेट के लिए 78 रन (केदार-पंड्या) और पांचवें विकेट के लिए
    61 रन (केदार-पांडे) की पार्टनरशिप हुई।
    – भारत की ओर से केदार जाधव ने सबसे ज्यादा 67, रोहित शर्मा ने 65,
    अजिंक्य रहाणे ने 53 तो पंड्या ने 41 रन बनाए।
    – टीम इंडिया 50 ओवरों में 8 विकेट पर 313 रन ही बना सकी।
    ऑस्ट्रेलिया की ओर से रिचर्डसन ने 3 तो कोल्टर नाइल ने 2 विकेट लिए।
    – भारतीय टीम इस सीरीज में 3-1 से आगे है। सीरीज का पांचवां और
    आखिरी वनडे 1 अक्टूबर को नागपुर में खेला जाएगा।
    3 दिन में गंवाई नंबर 1 रैंकिंग
    – इस हार के साथ ही भारतीय टीम ने तीन दिन में ही वनडे क्रिकेट में नंबर एक रैंकिंग भी गंवा दी।
    भारत ने इंदौर में हुए तीसरे वनडे को जीतकर नंबर वन पोजिशन हासिल की थी।
    लेकिन अब वो फिर दूसरे नंबर पर पहुंच गई।
    – अब 119 प्वाइंट के साथ साउथ अफ्रीका फिर से टॉप पर पहुंच गई है। भारत के भी 119 अंक हैं,
    लेकिन दशमलव अंकों के आधार पर साउथ अफ्रीका आगे है।
    ऑस्ट्रेलिया 115 अंकों के साथ तीसरी पोजिशन पर है।
    – लगातार 12 इंटरनेशनल मैचों में जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया कोई मैच हारी है।
    इन 12 मैचों में तीन टेस्ट, एक टी-20 और आठ वनडे मैच शामिल हैं।
    – भारतीय टीम बेंगलुरु के इस स्टेडियम में 14 साल बाद कोई वनडे मुकाबला हारी है।
    इससे पहले उसे 2003 में आखिरी हार मिली थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यहां पिछले सात मैचों में
    भारत की ये दूसरी हार रही।
    इन वजहों से हुई टीम इंडिया की हार
    – रोहित का रन आउट होना रहा टर्निंग प्वाइंट
    – विराट नहीं खेल पाए लंबी इनिंग
    – दो सेट फास्ट बॉलर्स को बाहर करना
    – नए बॉलर्स नहीं दिला पाए विकेट
    – महंगे साबित हुए सभी बॉलर्स
    – केदार को लेट बॉलिंग मिलना
    रोहित का रन आउट होना रहा मैच का टर्निंग प्वाइंट
    – टीम इंडिया ये मैच आखिरी ओवर में हारी, लेकिन मैच ने तभी टर्न ले लिया था
    जब 23वें ओवर में रोहित रन आउट हुए थे।
    – मैच रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे ने टीम को शानदार शुरुआत देते हुए
    पहले विकेट के लिए 106 रन जोड़े थे।
    – रहाणे के आउट होने के बाद रोहित ने विराट के साथ खेलना शुरू किया,
    लेकिन कप्तान की गलती से ये जोड़ी टूट गई।
    – 22.6 ओवर में विराट और रोहित के बीच रन लेने को लेकर कन्फ्यूजन हुआ,
    जिसकी कीमत रोहित (65 रन) ने आउट होकर चुकाई।
    – विराट पहले रन लेने के लिए दौड़े लेकिन आधी क्रीज से वापस आ गए,
    तब तक रोहित भी बैटिंग क्रीज पर आ चुके थे।
    – अगर उस वक्त विराट लौटने की बजाए आगे दौड़ गए होते तो ना केवल रोहित
    आउट होने से बच सकते थे, बल्कि मैच भी भारत की झोली में आ सकता था।
    – रोहित जब आउट हुए तब वे 55 बॉल पर 65 रन बनाकर क्रीज पर पूरी तरह से सेट हो चुके थे।
    उनके कॉन्फिडेंस को इसी बात से समझा जा सकता है कि इनिंग में उन्होंने केवल 1 चौका और 5 सिक्स लगाए।
    लगातार जीत का नया इंडियन रिकॉर्ड बनाने से चूकी टीम
    – इस मैच में मिली हार के बाद टीम इंडिया के हाथों से वनडे क्रिकेट में पहली
    बार लगातार 10 मैच जीतने का मौका निकल गया।
    – भारत ने इंदौर में हुए पिछले वनडे को जीतकर लगातार नौ जीत के अपने पिछले रिकॉर्ड की बराबरी की थी।
    – टीम इंडिया ने इस साल जुलाई से सितंबर के बीच लगातार नौ वनडे जीते थे,
    लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया ने उसके जीत के रथ को रोक दिया।
    – इससे पहले नवंबर 2008 से फरवरी 2009 के बीच भी भारत ने धोनी की
    कप्तानी में लगातार नौ वनडे जीते थे। तब भी कंगारू टीम ने ही भारत को हराया था।
    – लगातार दस वनडे जीतने का कारनामा न्यूजीलैंड की टीम एक बार कर चुकी है,
    जबकि इंग्लैंड, पाकिस्तान, वेस्ट इंडीज और श्रीलंका दो-दो बार यह कारनामा कर चुके हैं।
    – साउथ अफ्रीका ने पांच बार और ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड छह बार लगातार दस मैच जीते हैं।
    भारतीय टीम अबतक लगातार 10 मैच नहीं जीत सकी है।
    जरूरत के मौके पर फेल हो गए विराट
    – मैच में भारतीय कप्तान विराट कोहली का नहीं चलना टीम इंडिया को भारी पड़ गया।
    बड़े टारगेट को देखते हुए विराट को टिककर खेलने की जरूरत थी,
    लेकिन वे 21 रन बनाकर ही आउट हो गए।
    – विराट जब बैटिंग करने उतरे थे, उस वक्त भारत का स्कोर 1 विकेट पर 106 रन था और
    टीम काफी मजबूत स्थिति में थी।
    – इसके बाद उन्होंने रोहित के साथ मिलकर 29 रन की पार्टनरशिप भी की।
    लेकिन केवल 9 बॉल में ही दोनों आउट हो गए।
    – रोहित के आउट होने के बाद विराट भी अपना विकेट गंवा बैठे। विराट के रूप में भारत का
    तीसरा विकेट 147 के स्कोर पर गिरा।
    – 9 बॉल के अंदर दो विकेट गिरने से टीम काफी प्रेशर में आ गई और आने वाले बैट्समैन पर भी जिम्मेदारी बढ़ गई।
    – भारतीय कप्तान ना तो खुद चले और उस पर से उन्हीं की गलती की वजह से मैच में रोहित भी आउट हुए।
    – इससे पहले भी विराट चिन्नास्वामी स्टेडियम में फ्लॉप ही साबित हुए हैं।
    इस मैच से पहले उन्होंने यहां 4 मैच खेले थे, जिनमें वे कुल 42 रन ही बना सके थे।
    यहां दो बार वे शून्य पर आउट हो चुके हैं।
    सबसे तेज 2000 रन बनाने वाले कप्तान बने विराट
    – इस वनडे के दौरान विराट ने एक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वे वनडे में
    बतौर कप्तान सबसे तेज 2000 रन पूरे करने वाले क्रिकेटर बन गए हैं।
    – चौथे वनडे में जैसे ही 13 रन पूरे किए, उन्होंने ये अचीवमेंट हासिल कर लिया।
    विराट ने बतौर कप्तान 39 वनडे खेले हैं और अब उनके नाम 2008 रन हैं।
    – इससे पहले बतौर कप्तान सबसे तेज 2 हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड साउथ
    अफ्रीका के एबी डिविलियर्स के नाम पर था, जिन्होंने 41 वनडे में इतने रन बनाए थे।
    – इस मामले में पुराना भारतीय रिकॉर्ड पूर्व कप्तान एमएस धोनी के नाम पर था,
    जिन्होंने 48 वनडे में दो हजार रन पूरे किए थे।
    दो सेट फास्ट बॉलर्स को बाहर बैठाना पड़ा भारी
    – इस मैच के लिए विराट ने प्लेइंग इलेवन में बदलाव करते हुए दोनों इन फॉर्म और सेट
    फास्ट बॉलर्स को बाहर बैठा दिया।
    – मैच में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह को नहीं खिलाना टीम के लिए बहुत बेकार साबित हुआ।
    – इनमें से भुवी ने जहां शुरुआती तीन मैचों में 4 विकेट लिए थे, वहीं बुमराह ने इतने ही मैचों में 3 विकेट लिए थे।
    – भुवनेश्वर बेहद कंजूसी के साथ रन देते हुए टीम को शुरुआती विकेट दिलाते हैं,
    वहीं बुमराह को डेथ ओवर स्पेशलिस्ट माना जाता है।
    – चौथे वनडे में इन दोनों बॉलर्स की कमी टीम को खूब महसूस हुई। इनकी जगह लाए गए बॉलर्स
    ना तो विकेट दिला सके और ना ही रन रोक सके।

    नए बॉलर्स नहीं दिला पाए शुरुआती विकेट

    – विराट ने भुवी, बुमराह और कुलदीप को बाहर बैठाते हुए चौथे वनडे के लिए शमी,
      उमेश और अक्षर पटेल को टीम में लिया।
    – इनमें से एक भी बॉलर पहले 34 ओवर तक विकेट नहीं निकाल सका और 6 से ज्यादा के रनरेट से रन भी दिए।
    – टीम को पहला विकेट 35वें ओवर में मिला, लेकिन ये विकेट भी तीनों में से
    किसी बॉलर को नहीं मिला। हालांकि इसके बाद उमेश ने 4 विकेट लिए और वेसबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर साबित हुए।

    महंगे साबित हुए सभी बॉलर्स

    – मैच में ऑस्ट्रेलिया की इनिंग के दौरान विराट ने 6 अलग-अलग बॉलर्स को ट्राय किया,
    लेकिन केदार जाधव को छोड़ सभी बॉलर्स ने 6+ की इकोनॉमी से रन लुटाए।
    – उमेश यादव टीम के लिए सबसे महंगे साबित हुए। उन्होंने 4 विकेट जरूर लिए,
    लेकिन 10 ओवरों में 71 रन भी दे दिए।
    – युजवेंद्र चहल ने 8 ओवरों में 54 रन लुटाए। अक्षर पटेल ने 10 ओवरों में 66 रन दिए।
    – मो. शमी ने 10 ओवरों में 62 रन लुटाए, वहीं हार्दिक पंड्या ने 5 ओवरों में 32 रन दे दिए।

    केदार को देर से बॉलिंग मिलना

    – विराट ने इस मैच में पांच अलग-अलग बॉलर्स को शुरुआती 30 ओवरों में ट्राय किया,
    लेकिन किसी को विकेट नहीं मिला। इस दौरान शमी, उमेश, अक्षर, पंड्या और चहल ने बॉलिंग की।
    – 31वें ओवर में विराट ने केदार जाधव को बॉल थमाई। शुरुआती दो ओवर में तो जाधव भी विकेट नहीं ले सके। लेकिन अपने तीसरे और मैच के 35वें ओवर में जाधव ने भारत को पहला ब्रेकथ्रू दिलाया।
    – 34.6 ओवर में जाधव ने डेविड वॉर्नर को आउट करते हुए फिंच के साथ उनकी जोड़ी को तोड़ा और भारत को पहली सफलता दिलाई।
    – जाधव मैच में भारत के सबसे किफायती बॉलर भी साबित हुए, उन्होंने मैच में 7 ओवर बॉलिंग की जिसमें 5.42 की इकोनॉमी से 38 रन देते हुए 1 विकेट लिया।
    – पूरी वनडे सीरीज में विराट ने केदार जाधव से बॉलिंग नहीं कराई। लेकिन जब इस मैच में सभी बॉलर्स को ट्राय करने के बाद भी टीम को विकेट नहीं मिले तो उन्हें जाधव को लेकर आना पड़ा। जो टीम के लिए लकी साबित हुए।

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