जब मनोहर पर्रिकर ने एक झटके में 11 रुपये लीटर सस्‍ता कर दिया था पेट्रोल

मनोहर पर्रिकर की लोकप्रियता का आलम यह था कि 2017 में जब बीजेपी गोवा विधानसभा चुनाव में बहुमत से दूर थी तब दूसरे दलों ने पर्रिकर को सीएम बनाने की शर्त पर ही समर्थन दिया था.

गोवा के मुख्‍यमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार को निधन हो गया. वे काफी समय से कैंसर से लड़ रहे थे. वे तीन बार गोवा के मुख्‍यमंत्री रहे. पर्रिकर को उनकी सादगी और ईमानदारी के लिए याद किया जाता है. साथ ही वे पूरे देश में काफी लोकप्रिय थे. उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि 2017 में जब बीजेपी गोवा विधानसभा चुनाव में बहुमत से दूर थी तब दूसरे दलों ने पर्रिकर को सीएम बनाने की शर्त पर ही समर्थन दिया था.

मनोहर पर्रिकर बचपन से ही आरएसएस से जुड़ गए थे. उन्‍होंने पहला चुनाव 1991 में लड़ा था लेकिन कांग्रेस के हरीश जांतये से उन्‍हें हार का सामना करना पड़ा था. 1994 के विधानसभा चुनाव में वह पहली बार जीते थे. जून 1999 में वह वह नेता प्रतिपक्ष बने.

24 अक्‍टूबर 2000 में पहली बार गोवा के मुख्‍यमंत्री बने लेकिन इस पद पर वह दो साल ही रहे. 2002 में वह दोबारा सीएम बने. 2005 में चार बीजेपी विधायकों के इस्‍तीफे के चलते उनकी सरकार संकट में थी लेकिन एक महीने में उन्‍होंने विश्‍वासमत साबित कर दिया.

2012 में पर्रिकर तीसरी बार मुख्‍यमंत्री पद पर बैठे. उस समय उन्‍होंने कुर्सी संभालने के बाद गोवा में पेट्रोल की कीमतों में एकसाथ 11 रुपये प्रति लीटर की कमी कर दी थी. उनके इस कदम ने पेट्रोल की कीमतों को जमीन पर ला दिया और वे रातोंरात पूरे देश में मशहूर हो गए.

उन्‍होंने गोवा में गृह आधार(गृहणियों को हर महीने आर्थिक मदद) और लाडली लक्ष्‍मी(लड़की की शादी के लिए आर्थिक मदद) जैसी योजनाएं शुरू कीं. इन योजनाओं को बाद में कई अन्‍य राज्‍यों ने भी अपनाया

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